Achyuta Ashtakam 2 – श्री अच्युताष्टकम् – २

अच्युताच्युत हरे परमात्मन्
राम कृष्ण पुरुषोत्तम विष्णो ।
वासुदेव भगवन्ननिरुद्ध
श्रीपते शमय दुःखमशेषम् ॥ १ ॥

विश्वमङ्गल विभो जगदीश
नन्दनन्दन नृसिंह नरेन्द्र ।
मुक्तिदायक मुकुन्द मुरारे
श्रीपते शमय दुःखमशेषम् ॥ २ ॥

रामचन्द्र रघुनायक देव
दीननाथ दुरितक्षयकारिन् ।
यादवेन्द्र यदुभूषण यज्ञ-
श्रीपते शमय दुःखमशेषम् ॥ ३ ॥

देवकीतनय दुःखदवाग्ने
राधिकारमण रम्यसुमूर्ते ।
दुःखमोचन दयार्णव नाथ
श्रीपते शमय दुःखमशेषम् ॥ ४ ॥

गोपिकावदनचन्द्रचकोर
नित्य निर्गुण निरञ्जन जिष्णो ।
पूर्णरूप जय शङ्कर शर्व
श्रीपते शमय दुःखमशेषम् ॥ ५ ॥

गोकुलेश गिरिधारण धीर
यामुनाच्छतटखेलनवीर ।
नारदादिमुनिवन्दितपाद
श्रीपते शमय दुःखमशेषम् ॥ ६ ॥

द्वारकाधिप दुरन्तगुणाब्धे
प्राणनाथ परिपूर्ण भवारे ।
ज्ञानगम्य गुणसागर ब्रह्मन्
श्रीपते शमय दुःखमशेषम् ॥ ७ ॥

दुष्टनिर्दलन देव दयालो
पद्मनाभ धरणीधर धन्विन् ।
रावणान्तक रमेश मुरारे
श्रीपते शमय दुःखमशेषम् ॥ ८ ॥

अच्युताष्टकमिदं रमणीयं
निर्मितं भवभयं विनिहन्तुम् ।
यः पठेद्विषयवृत्तिनिवृत्तिं
जन्मदुःखमखिलं स जहाति ॥ ९ ॥

इति श्रीमच्छङ्कराचार्य विरचितं अच्युताष्टकम् ।

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